Home उत्तराखंड विकास कार्यों में देरी पर होगी जवाबदेही तय, जिलाधिकारी ने की जिला...

विकास कार्यों में देरी पर होगी जवाबदेही तय, जिलाधिकारी ने की जिला योजना की समीक्षा

धरातल पर दिखने चाहिए विकास के परिणाम; अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध कार्यों के दिए निर्देश

जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं, 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा; गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर

पौड़ी। जनपद में विकास योजनाओं को गति देने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं, 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागवार प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

जिलाधिकारी ने सभी निर्माणदायी विभागों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की निविदा प्रक्रिया लंबित है, उन्हें तत्काल पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। वर्ष 2025-26 की अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए उनकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने कार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए प्रगति सुनिश्चित करें।

उन्होंने सभी कनिष्ठ अभियंताओं को नियमित फील्ड भ्रमण कर अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचने, स्थानीय समस्याओं का मौके पर समाधान करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में रहकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को भी बड़े निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं प्रगति की सतत निगरानी करने को कहा।

ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन एवं ग्रामीण विकास विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का संचालन केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ ग्रामीण उत्पादों के विपणन की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे किसानों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों की आय में वृद्धि हो सके।

जिलाधिकारी ने अस्पतालों, विद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में बिजली, पेयजल तथा मरम्मत संबंधी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान केवल एक ओपरियोजना तक सीमित न रहें, बल्कि क्षेत्र में संचालित अन्य योजनाओं का भी स्थलीय निरीक्षण करें। खेल विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं पेयजल विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर कंडोलिया मैदान तथा रांसी स्टेडियम से संबंधित सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पंचायतीराज विभाग को प्रमुख ग्रामीण बाजारों में मॉडल सार्वजनिक शौचालय विकसित करने की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र निर्माण प्रारंभ करने को कहा। वहीं उद्योग विभाग को सेवायोजन, कृषि, उद्यान एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उच्च शिक्षण संस्थानों में प्लेसमेंट ड्राइव, रोजगार परामर्श एवं कौशल विकास कार्यक्रमों का रोस्टर तैयार कर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिला योजना की प्रथम किश्त 32 विभागों को अवमुक्त कर दी गई है, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ने पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की भी विशेष समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम, ग्रामीण निर्माण विभाग सहित सभी निर्माणदायी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क एवं पेयजल से संबंधित सभी परियोजनाएं अक्टूबर माह तक हर हाल में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन हो तथा किसी भी स्तर पर ढिलाई पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लैंडस्लाइड ट्रीटमेंट के कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए, ताकि वर्षाकाल में मार्ग सुरक्षित एवं सुचारु बने रहें। उन्होंने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा पीएमजीएसवाई एवं लोक निर्माण विभाग को वर्षा से बंद होने वाले सभी मोटर मार्गों को 24 घंटे के भीतर खोलने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक भूस्खलन प्रभावित स्थलों का फोटोग्राफ सहित विवरण प्रस्तुत कर उनके स्थायी उपचार की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बाल विकास, पशुपालन सहित अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले विभागों को कार्ययोजना बनाकर शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट व्यय करना नहीं, बल्कि धरातल पर गुणवत्तापूर्ण परिणाम देना है। इसलिए प्रत्येक विभाग नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों में गति लाए और समयबद्ध ढंग से लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, एसीएमओ डॉ. विनय त्यागी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, रीना नेगी, जल संस्थान टी.एस. रावत, विद्युत विभाग अभिनव रावत, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री...

उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार, राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड संस्कृत आयोग के गठन की तैयारी...

एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त

देहरादून। मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण में 212 महिलाओं को सहायता...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री...

विकास कार्यों में देरी पर होगी जवाबदेही तय, जिलाधिकारी ने की जिला योजना की समीक्षा

धरातल पर दिखने चाहिए विकास के परिणाम; अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध कार्यों के दिए निर्देश जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं, 20 सूत्रीय...

कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हृदय रोग केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गए हैं। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव के...

उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार, राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड संस्कृत आयोग के गठन की तैयारी...

Recent Comments

fapjunk
Antalya escort Antalya escort Belek escort
Antalya escort Antalya escort Belek escort
Ankara Escort
porn
Spanish to English translation is the process of converting written or spoken content from the Spanish language into the English language. With Spanish being one of the most widely spoken languages in the world, the need for accurate and efficient translation services is essential. Spanish to English translation plays a crucial role in various domains, including business, education, travel, literature, and more. Skilled translators proficient in both Spanish and English are required to ensure accurate and culturally appropriate translations. They must possess a deep understanding of both languages' grammar, syntax, idioms, and cultural nuances to convey the original meaning and intent of the source content effectively. Quality Spanish to English translation services help bridge the language barrier and facilitate effective communication between Spanish-speaking individuals and English-speaking audiences.spanishenglish.com
Spanish to English translation is the process of converting written or spoken content from the Spanish language into the English language. With Spanish being one of the most widely spoken languages in the world, the need for accurate and efficient translation services is essential. Spanish to English translation plays a crucial role in various domains, including business, education, travel, literature, and more. Skilled translators proficient in both Spanish and English are required to ensure accurate and culturally appropriate translations. They must possess a deep understanding of both languages' grammar, syntax, idioms, and cultural nuances to convey the original meaning and intent of the source content effectively. Quality Spanish to English translation services help bridge the language barrier and facilitate effective communication between Spanish-speaking individuals and English-speaking audiences.spanishenglish.com
uluslararası zati eşya taşımacılığı türkiyeden almanyaya ev taşıma uluslararası evden eve nakliyat türkiyeden kıbrısa evden eve nakliyat türkiyeden kıbrısa ev taşıma fiyatları türkiyeden ingiltereye evden eve nakliyat yurtdışına ev taşıma zati eşya taşımacılığı
Evden eve nakliyat şehirler arası nakliyat