Monday, October 19, 2026
Home ब्लॉग वापिस होगा बाईडन बनाम ट्रंप का मैच

वापिस होगा बाईडन बनाम ट्रंप का मैच

श्रुति व्यास
इतिहास अपने-आप को दोहराएगा। अमेरिका फिर सन् 2020  के मैच का गवाह होगा। तब वे चार साल ‘कम बुजुर्ग’ थे। जो बाईडन ने पिछले प्रचार अभियान की शुरुआत के चार साल पूरे होने पर वापिस अपनी पुरानी घोषणा दुहराई है। उन्होंने कहा है कि वे अपना ‘काम पूरा करने के लिए’ फिर राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेंगे। बाईडन के लिए चुनाव में अपनी पार्टी का प्रत्याशी चुना जाना आसान होगा क्योंकि डेमोक्रेट्स के पास दूसरे चेहरे हैं ही नहीं। जरहे हैं। कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि 2024 में अमरीका के राजनीति के अखाड़े में 2020 का मैच फिर से खेला जाएगा।

सवाल है कि ये दोनों सुपर सीनियर सिटीजन्स, जिनके जीवन के अच्छे दिन कई दशक पीछे छूट चुके हैं, फिर से राष्ट्रपति बनने की जिद पर क्यों अड़े हुए हैं? क्या सत्ता की उनकी भूख शांत नहीं हुई है? कई लोगों ने उनसे अपील की थी कि वे देश के पहले राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन के नक्शेकदम पर चलते हुए अपने पद से इस्तीफा देकर देश का नेतृत्व युवा हाथों में सौंप दें। परंतु नहीं। बाईडन साहब को लगता है कि उनकी पारी अभी खत्म नहीं हुई है। बाईडन कई दशकों से राष्ट्रपति बनने के फेर में थे। सन 2024 में वे चौथी बार चुनाव लड़ेंगे। सन 1988 में वे पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे। तब वे 46 साल के थे। फिर उन्होंने 2008 में 66 साल की आयु में एक बार फिर चुनाव लड़ा। आखिरकार भाग्य की देवी उन पर मुस्कुराईं और 2020 में 78 वर्ष की उम्र में वे व्हाईट हाउस में पहुंच ही गए। अगर वे अगला चुनाव जीत जाते हैं तो जब वे व्हाईट हाउस छोड़ेंगे तब उनकी आयु 86 वर्ष होगी। यह साफ है कि बाईडन को दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बनना और बने रहना बहुत सुहा रहा है। और भला क्यों नहीं।

बराक ओबामा जब 48 साल की आयु में राष्ट्रपति बने थे तब वे युवा, ताजादम और ऊर्जावान लगते थे। छप्पन वर्ष की आयु में जब उन्होंने पद छोड़ा तब वृद्धावस्था की छाप उन पर दिखलाई पडऩे लगी थी। वे थके हुए और हताश दिखते थे। इसके विपरीत बाईडन पद संभालने के बाद से दिन-ब-दिन और जवान व फुर्तीले होते जा रहे हैं। जब वे चलते हैं तब वे हल्के से लंगड़ाते हैं परंतु चुस्त-दुरुस्त दिखलाई देते हैं। भाषण देते समय कब-जब वे यह भूल जाते हैं कि उन्हें आगे क्या कहना है परंतु जब वे अपना रेबेन 3025 लगाकर हवाई जहाज पर चढ़ रहे होते हैं तो वे सचमुच बहुत सजीले नजर आते हैं। और उनके कारण रेबेन फिर से फैशन में आ गया है। एक बार फिर चुनाव लडऩे का निश्चय शायद उनमें और ऊर्जा भर देगा। परंतु क्या यह एक जवान अमेरिका के लिए अच्छा होगा?

शीर्ष नेतृत्व में बुजुर्गों का बहुमत है। देश के 70 प्रतिशत नागरिक नहीं चाहते कि बाईडन एक बार फिर चुनाव लड़ें और उनमें से कई डेमोक्रेट मतदाता भी हैं, जिनका मानना है कि बाईडन से मुक्ति पाने का समय आ गया है। मतदाताओं में बाईडन के समर्थक सिर्फ43 प्रतिशत है। परंतु हाय री किस्मत। भारत की तरह अमरीका में भी डेमोक्रेट विकल्पहीनता की समस्या से जूझ रहे हैं। उनके पास कोई ऐसा दूसरा व्यक्ति नहीं है जो रिपब्लिकनों और विशेषकर डोनाल्ड ट्रंप की मुसीबतें खड़ी करने और अराजकता फैलाने की अपूर्व क्षमता का मुकाबला कर सके। कमला हैरिस घोर अलोकप्रिय हैं। बर्नी सेंडर्स बहुत बूढ़े हैं। ऊपर से वे अपने क्रांतिकारी राजनैतिक विचस्या यह है कि वे सभी उम्र में बहुत छोटे और अनुभवहीन हैं।

एक ऐसे व्यक्ति को ही चुनना चाहेगा जो अपेक्षाकृत मध्यमार्गी है। यही कारण है कि न चाहते हुए भी वे बाईडन को ही चुनेंगे। आखिर चार और वर्षों तक ट्रंप की मूर्खताओं और मसखरी झेलने से बेहतर होगा 82 वर्ष के बाईडन को चुनना। फिर ऐसा भी तो नहीं है कि ट्रंप एकदम युवा हैं। वर्तमान में ट्रंप का समर्थन करने वाले मतदाताओं का प्रतिशत 41 है जो बाईडन से केवल दो प्रतिशत कम है।

जब कोई राष्ट्रपति पद पर रहते हुए फिर से चुनाव लड़ता है तो जाहिर है कि मतदाता राष्ट्रपति के रूप में उसके काम के आधार पर उसका आंकलन करते हैं। इस मामले में बाइडन का रिकार्ड काफी बेहतर है। उन्होंने अमरीकी सेना का उपयोग किए बिना रूस को यूक्रेन पर कब्जा न करने देने में सफलता हासिल की है। घरेलू मोर्चे उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। एक नयी औद्योगिक नीति को लागू करना, जिसके चलते सेमीकंडक्टर चिप का देश में उत्पादन तेजी से बढ़ा है तो इस मामले में अमरीका की ताईवान पर निर्भरता भी घटी। उसके अलावा उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने के लिए बड़ी राशि अनुदान के रूप में देने की नीति लागू की। हालांकि कांग्रेस में रिपब्लिकनों ने उनकी कम खर्चीली चाइल्ड केयर योजना को पारित नहीं होने दिया परंतु उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कोविड राहत के लिए महत्वपूर्ण विधेयक पारित करवाने में सफलता प्राप्त की।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बाईडन के संतुलित और टिकाऊ निर्णयों से लाभ हुआ है और उनके नेतृत्व में अर्थव्यवस्था में तेजी से मजबूती आई है। इसके विपरीत ट्रंप के कार्यकाल में उनकी एक बेवकूफाना टिप्पणी या ट्वीट से स्टाक मार्केट में भूचाल आ जाया करता था। इन सबका लाभ बाईडन को चुनाव में मिलेगा, विशेषकर आर्थिक मोर्चे पर उनकी सफलताओं का। महामारी के कारण अर्थव्यवस्था लंगड़ाने लगी थी परंतु अब सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है। और अभी तो चुनाव में 18 महीने बाकी हैं। तब तक आर्थिक हालात और बेहतर न सकते हैं कि ट्रंप के वाक् प्रहार अब और कटु व निष्ठुर होंगे। बाईडन के लिए कमला हैरिस भी एक बोझ हैं। वे पूरी तरह सला के हाथों में अपरिमित सत्ता और शक्ति आ जाएगी जो उस काम के लिए न तो तैयार है और ना ही काबिल।

ऐसे में अपनी बुजुर्गियत के बावजूद बाईडन देश के लिए सबसे अच्छे विकल्प हैं। वे अमेरिका के प्रजातंत्र को महफूज रख सकते हैं। उसे अन्य प्रजातंत्रों के लिए रोल मॉडल बना सकते हैं। और इसकी जरूरत पड़ेगी क्योंकि ट्रंप अपना मुंह बंद नहीं रखेंगे। उन्होंने तो एक शानदार मैच को फिर से देखने के लिए तैयार हो जाईए। यह भी उतना ही रोमांचक और उत्तेजक होगा जितना कि पिछला था।

RELATED ARTICLES

आधुनिकता के अनेक सार्थक पक्ष भी हैं जो समाज को बेहतर बनाते हैं

भारत डोगरा आधुनिक समाज में अनेक स्तरों पर जटिलताएं बढ़ रही हैं। तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं, और सामान्य जनजीवन पर उनका असर...

दक्षेस से भारत को सतर्क रहने की जरूरत

डॉ. ब्रह्मदीप अलूने महाशक्तियों की राजनीतिक और आर्थिक महत्त्वाकांक्षाओं ने तीसरी दुनिया के उभरने की संभावनाओं को सुनियोजित तरीके से खत्म कर दिया है। इसका...

एक अच्छे, भले और नेक प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह

हरिशंकर व्यास शीर्षक चौंका सकता है। पर जरा समकालीन भारत अनुभवों और उनकी दिशा में झांके तो अगले बीस-पच्चीस वर्षों की क्या भारत संभावना दिखेगी?...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -



Most Popular

मनोनीत राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन पहुंचे उत्तराखण्ड, कल लेंगे राज्यपाल पद की शपथ

देहरादून: उत्तराखण्ड के मनोनीत राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन रविवार को सायंकाल उत्तराखण्ड पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा उन्हें “गार्ड ऑफ ऑनर”...

त्योहारी सीजन में FDA का बड़ा एक्शन, राजपुर रोड के नामी कैफे-रेस्टोरेंट में छापेमारी

चार प्रतिष्ठानों से पनीर, केक, हल्दी पाउडर और पेस्ट्री के सैंपल लिए, जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे बंद करने के निर्देशों की अनदेखी पर तम्तारा...

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने दुर्गाष्टमी पर मां भगवती और महादेव की कि पूजा-अर्चना,प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की

मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री धामी,जनप्रतिनिधियों और समर्थकों का जताया आभार कहा आपका स्नेह ही मेरी असली शक्ति देहरादून: आज दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर...

देहरादून में पुलिस का बड़ा सत्यापन अभियान, 487 किरायेदारों की जांच; 5.38 लाख रुपये का जुर्माना

नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में दून पुलिस की कार्रवाई, 23 संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर...

Recent Comments

fapjunk
Antalya escort Antalya escort Belek escort
Antalya escort Antalya escort Belek escort
Ankara Escort
porn
Spanish to English translation is the process of converting written or spoken content from the Spanish language into the English language. With Spanish being one of the most widely spoken languages in the world, the need for accurate and efficient translation services is essential. Spanish to English translation plays a crucial role in various domains, including business, education, travel, literature, and more. Skilled translators proficient in both Spanish and English are required to ensure accurate and culturally appropriate translations. They must possess a deep understanding of both languages' grammar, syntax, idioms, and cultural nuances to convey the original meaning and intent of the source content effectively. Quality Spanish to English translation services help bridge the language barrier and facilitate effective communication between Spanish-speaking individuals and English-speaking audiences.spanishenglish.com
Spanish to English translation is the process of converting written or spoken content from the Spanish language into the English language. With Spanish being one of the most widely spoken languages in the world, the need for accurate and efficient translation services is essential. Spanish to English translation plays a crucial role in various domains, including business, education, travel, literature, and more. Skilled translators proficient in both Spanish and English are required to ensure accurate and culturally appropriate translations. They must possess a deep understanding of both languages' grammar, syntax, idioms, and cultural nuances to convey the original meaning and intent of the source content effectively. Quality Spanish to English translation services help bridge the language barrier and facilitate effective communication between Spanish-speaking individuals and English-speaking audiences.spanishenglish.com
uluslararası zati eşya taşımacılığı türkiyeden almanyaya ev taşıma uluslararası evden eve nakliyat türkiyeden kıbrısa evden eve nakliyat türkiyeden kıbrısa ev taşıma fiyatları türkiyeden ingiltereye evden eve nakliyat yurtdışına ev taşıma zati eşya taşımacılığı
Evden eve nakliyat şehirler arası nakliyat